गोरखपुर में सरेआम खूनी खेल: मॉर्निंग वॉक पर निकले पार्षद प्रतिनिधि की नृशंस हत्या, गोलियों से भूनने के बाद चाकू से गोदा

पूर्व पार्षद के प्रतिनिधि राज कुमार चौहान
गोरखपुर (इंद्र यादव) उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक ऐसी रूहकपा देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में दहशत और मातम का माहौल पैदा कर दिया है। यहाँ अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने दिन-दहाड़े एक जनप्रतिनिधि की बेरहमी से जान ले ली। पूर्व पार्षद के प्रतिनिधि राजकुमार चौहान, जो समाज में अपनी सक्रियता के लिए जाने जाते थे, अब हमारे बीच नहीं रहे।
घटना का विवरण: जब मौत बनकर आए हमलावर
आज की सुबह राजकुमार चौहान के लिए आखिरी सुबह साबित हुई। रोज़ की तरह वे सुबह की ताजी हवा में टहलने (मॉर्निंग वॉक) के लिए घर से निकले थे। उन्हें क्या पता था कि रास्ते में मौत घात लगाए बैठी है। चश्मदीदों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, चार नकाबपोश हमलावरों ने उन्हें घेर लिया। इससे पहले कि राजकुमार कुछ समझ पाते या संभल पाते, हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध गोलियों की बौछार कर दी।
क्रूरता की हदें पार
हमलावरों का मकसद सिर्फ हत्या करना नहीं, बल्कि दहशत फैलाना भी था। जब राजकुमार गोलियों की मार खाकर जमीन पर गिर पड़े और लहूलुहान हो गए, तब भी अपराधियों का दिल नहीं पसीजा। अपनी नफरत और क्रूरता का परिचय देते हुए उन्होंने राजकुमार को चाकू से कई बार गोदा। इस दोहरे हमले (गोली और चाकू) ने मौके पर ही उनकी जीवनलीला समाप्त कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर बड़ी आसानी से फरार हो गए, जो पुलिस की गश्त और सुरक्षा दावों पर गहरे सवालिया निशान लगाता है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, समाज में आक्रोश
वीडियो में दिख रहे दृश्य दिल को छलनी कर देने वाले हैं। राजकुमार की मृत्यु की खबर जैसे ही उनके घर पहुँची, वहां चीख-पुकार मच गई। उनकी पत्नी और परिजन सड़कों पर बेसुध होकर गिर रहे हैं। “हमारा नेता चला गया” की करुण पुकार से आसमान भी कांप उठा है। जिस व्यक्ति ने लोगों के सुख-दुख में साथ दिया, उसकी ऐसी दर्दनाक विदाई ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। स्थानीय लोगों में पुलिस प्रशासन के खिलाफ गहरा गुस्सा है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या अब सुबह की सैर पर निकलना भी सुरक्षित नहीं रह गया है!
पुलिस की कार्रवाई और राजनीतिक माहौल
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुँचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति तनावपूर्ण न हो। पुलिस का दावा है कि आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं और जल्द ही उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
यह हत्या केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं है, बल्कि यह कानून-व्यवस्था के इकबाल पर एक करारा प्रहार है। एक जनप्रतिनिधि का इस तरह बीच सड़क पर मारा जाना बताता है कि अपराधियों के मन में कानून का डर खत्म हो चुका है।
आज पूरा गोरखपुर इस दुखद घड़ी में चौहान परिवार के साथ खड़ा है और इंसाफ की गुहार लगा रहा है। क्या इन बिलखते परिवारों को न्याय मिल पाएगा? यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है।










