‘लेडी सिंघम’ की एंट्री, सख्त चेतावनी से थमा बवाल
भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं नीतू कादियान (एडीसीपी, वरुणा जोन) उग्र भीड़ और तनावपूर्ण माहौल के बीच उन्होंने कड़े तेवर में ऐलान किया—“अपराधी चाहे पाताल में छिपे हों, कुछ घंटों में गिरफ्त में होंगे।”
वाराणसी। उदय प्रताप कॉलेज (यूपी कॉलेज) शुक्रवार सुबह गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा, जब बीएससी द्वितीय वर्ष के छात्र सूर्य प्रताप सिंह उर्फ सूर्या की निर्मम हत्या कर दी गई। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने न सिर्फ कॉलेज परिसर को दहशत में डाल दिया, बल्कि पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कॉलेज के प्रिंसिपल धर्मेंद्र सिंह दो छात्र गुटों के बीच विवाद सुलझाने का प्रयास कर रहे थे। तभी आरोपी मंजीत चौहान अपने साथी अनुज के साथ मौके पर पहुंचा और अचानक सूर्या पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। चार गोलियां लगने से सूर्या लहूलुहान होकर गिर पड़ा। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वारदात के बाद हमलावर हवाई फायरिंग करते हुए मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी मच गई। गुस्साए छात्रों ने गेट बंद कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। हालात बिगड़ते देख नीतू कादियान (एडीसीपी, वरुणा जोन) भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने सख्त तेवर अपनाते हुए स्पष्ट कहा कि अपराधी किसी भी कीमत पर बच नहीं पाएंगे। उनके इस दृढ़ रुख ने जहां उग्र भीड़ को शांत किया, वहीं पुलिस टीम को तुरंत कार्रवाई के लिए प्रेरित किया।
एडीसीपी नीतू कादियान के नेतृत्व में पुलिस ने तेजी दिखाते हुए शहर की घेराबंदी की। सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों का सुराग लगाया गया और कुछ ही घंटों के भीतर मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गए। इस त्वरित कार्रवाई ने वाराणसी पुलिस की तत्परता और सख्त कानून व्यवस्था की मिसाल पेश की है।
घटना की सूचना पर मोहित अग्रवाल भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। एहतियात के तौर पर कॉलेज परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है।
इस सनसनीखेज हत्याकांड ने जहां शहर को स्तब्ध कर दिया, वहीं ‘लेडी सिंघम’ के नाम से चर्चित एडीसीपी नीतू कादियान की त्वरित और सख्त कार्रवाई ने यह संदेश दे दिया कि कानून के हाथ लंबे हैं और अपराधी ज्यादा देर तक बच नहीं सकते।










