रक्षक बने भक्षक! वकील सच्चिदानंद मिश्रा की हत्या के बाद उबाल, खाकी पर उठे सवाल
जौनपुर/उत्तर प्रदेश। जौनपुर जिले में वरिष्ठ अधिवक्ता सच्चिदानंद मिश्रा की हत्या ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बदमाशों द्वारा पीट-पीटकर की गई इस निर्मम हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। परिजनों का आरोप है कि मृतक अधिवक्ता ने पहले ही पुलिस को कई बार लिखित शिकायत देकर जान का खतरा बताया था, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं की गई।
घटना के बाद जिले में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों और अधिवक्ताओं का कहना है कि जौनपुर में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के दावों के बीच हुई इस वारदात ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
हत्या के विरोध में बुधवार को सैकड़ों वकील सड़कों पर उतर आए। न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर अधिवक्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि समय रहते शिकायतों पर कार्रवाई होती, तो यह घटना टाली जा सकती थी।
वकीलों ने इस मामले में दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और लापरवाह अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
अब देखना होगा कि पुलिस इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को कब तक गिरफ्तार कर पाती है और पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं।









