साहब! दहेज की वैल्यू गिर जाएगी…- यूपी बोर्ड के शेरों का कॉपियों में ‘दहेज बचाओ’ अभियान!
वाराणसी (इंद्र यादव) यूपी बोर्ड की कॉपी चेक करने बैठे मास्टरों का दिमाग उस समय झन्ना गया, जब उन्होंने कॉपियां खोलीं। कॉपियों में ‘न्यूटन के नियम’ की जगह ‘शादी के नियम’ और ‘तिलक की दर’ लिखी हुई थी।
प्रमुख ‘नमूनों’ के जलवे.
तिलक का टॉर्चर: एक भाई ने तो सीधा बिजनेस डील ही ठोक दी। उसने लिखा, “गुरु जी, अगर फेल हो गया न, तो ससुराल में इज्जत की वाट लग जाएगी। तिलक कम चढ़ेगा, मार्केट वैल्यू गिर जाएगी। प्लीज पास कर दो, शादी का सवाल है!” (मतलब पढ़ाई गई तेल लेने, बंदे को दहेज की टेंशन पहले है!)
शादी का सस्पेंस: एक बहिन जी ने तो इमोशनल ब्लैकमेलिंग का लेवल ही पार कर दिया। उन्होंने लिखा कि 13 मई को उनकी शादी है, और अगर रिजल्ट में ‘लाल पेन’ चला, तो दूल्हा मंडप से भाग जाएगा। कसम से, एग्जामिनर को लगा होगा कि वो कॉपी चेक कर रहा है या किसी की शादी का ‘विघ्न’ हटा रहा है।
अस्पताल वाला बहाना: कुछ और भी भारी कलाकार निकले जिन्होंने लिखा कि “पापा बीमार थे, हम अस्पताल में थे, फिजिक्स की किताब तो बस फोटो खींचने के लिए खरीदी थी।”
परीक्षकों का क्या कहना है
मूल्यांकन केंद्र के आशीष मिश्रा जी और उनकी टीम ये सब पढ़कर अपना सिर पकड़ के बैठी है। उनका कहना है कि भाई, तुम चाहे तिलक की दुहाई दो या शादी का कार्ड चिपकाओ, नंबर तो तभी मिलेंगे जब कॉपियों में कुछ ‘काम का’ लिखा होगा। बिना लिखे पास होने का सपना ऐसा ही है जैसे बिना पेट्रोल के गाड़ी भगाना।
मतलब गजब है! यूपी के बच्चे फिजिक्स में भले ही ‘जीरो’ हों, लेकिन इमोशनल ड्रामे में सबका ‘बाप’ हैं। अब देखना ये है कि इन ‘शादीशुदा’ अपीलों पर मास्टर साहब पिघलते हैं या फिर इन लव-बर्ड्स को एक और साल पढ़ने का मौका देते हैं।










