​नवादा में ‘सवर्ण-यादव एकता मंच’ की ऐतिहासिक महापंचायत: सामाजिक समरसता की नई इबारत

​नवादा, 5 जुलाई: जिले के श्री कृष्ण स्मारक हॉल में आज एक ऐसी पहल देखने को मिली, जिसे नवादा ही नहीं बल्कि पूरे बिहार के लिए सामाजिक एकता का ‘अद्वितीय प्रयोग’ माना जा रहा है। ‘सवर्ण-यादव एकता मंच’ के बैनर तले आयोजित इस महापंचायत ने न केवल पुरानी लकीरों को मिटाने का संदेश दिया, बल्कि एक मजबूत सामाजिक गठबंधन की नींव भी रखी।

​कार्यक्रम की अध्यक्षता चर्चित समाजसेवी एवं वार्ड पार्षद प्रतिनिधि राजेश कुमार श्री ने की, जबकि संचालन युवा राजद नेता व समाजसेवी प्रसाद दीपक यादव ने कुशलतापूर्वक किया।

​एकता का शंखनाद और संकल्प

​महापंचायत में मौजूद वक्ताओं ने इसे समय की मांग बताते हुए कहा कि आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होना ही अब एकमात्र विकल्प है। मंच के संयोजक राजेश कुमार श्री ने इस ऐतिहासिक पहल का श्रेय सभी समर्थकों को देते हुए संकल्प लिया कि वे इस मुहिम को अंतिम मंजिल तक पहुँचाने के लिए हर बाधा का सामना करने को तैयार हैं।

​सर्वसम्मति से लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

​मंच ने आगामी लक्ष्यों को स्पष्ट करते हुए निम्नलिखित बिंदुओं पर मुहर लगाई:

​संगठन का विस्तार: जिले भर में ‘सवर्ण-यादव एकता मंच’ का व्यापक प्रचार-प्रसार करना।

​विवादों का समाधान: आपसी झगड़ों को जातीय रंग न देकर, आपसी बातचीत के माध्यम से स्थायी समाधान निकालना।

​गिले-शिकवे दरकिनार: अतीत की कड़वाहटों को भुलाकर भविष्य की साझा रणनीति पर काम करना।

​अधिकारों के लिए संघर्ष: संवैधानिक और जनवादी हक-अधिकारों के लिए संगठित होकर जन-संघर्ष की मुहिम को तेज करना।

​जिला कमेटी का गठन: आने वाले दिनों में एक भव्य जिला महासम्मेलन आयोजित कर विधिवत जिला कमेटी की घोषणा करना।

​गगनभेदी नारे और सांस्कृतिक रंग

​कार्यक्रम का माहौल उस समय और भी ऊर्जावान हो गया जब पूरा हॉल ‘सवर्ण-यादव एकता जिंदाबाद’, ‘जय श्री राम’, ‘जय राधेश्याम’, ‘जय परशुराम’ और ‘हर-हर महादेव’ के नारों से गूंज उठा। इस दौरान लोक कलाकार डी.के. अकेला ने अपनी स्वरचित रचना “सवर्ण-यादव एकता के भईले एलनमा…” के माध्यम से एकता का संदेश दिया, जिसने सभा में उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

​सहभोज से सामाजिक समरसता का संदेश

​महापंचायत की समाप्ति के बाद संयोजक राजेश कुमार श्री द्वारा आयोजित ‘प्रीति भोज’ ने एकता की मिसाल को और भी पुख्ता कर दिया। ‘एक पात, एक पंगत’ में बैठकर सभी समाजसेवियों और प्रतिनिधियों ने साथ भोजन किया, जो इस बात का प्रतीक था कि यह एकता केवल मंच तक सीमित नहीं, बल्कि जमीन पर भी पूरी तरह लागू है।

​इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में नवादा के प्रबुद्ध वर्ग, समाजसेवी और जनप्रतिनिधियों की भारी उपस्थिति रही।

​रिपोर्ट: डी.के. अकेला, नवादा।

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