श्रमिक राजनीति को मिली नई धार: डॉ. परमेंद्र कुमार सिंह बने इंटक के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष, समर्थकों में हर्ष की लहर
वाराणसी/जौनपुर
कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने उत्तर प्रदेश की श्रमिक राजनीति में एक अत्यंत अनुभवी, संघर्षशील और जुझारू चेहरे पर भरोसा जताते हुए डॉ. परमेंद्र कुमार सिंह को भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (INTUC) का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस नियुक्ति ने न केवल कांग्रेस के फ्रंटल संगठन को मजबूती दी है, बल्कि पूरे प्रदेश के श्रमिक वर्ग में नई ऊर्जा का संचार किया है। समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने इस निर्णय के लिए कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
छात्र राजनीति से शुरू हुआ संघर्ष का कारवां
डॉ. परमेंद्र कुमार सिंह का राजनीतिक सफर सिद्धांतों और निरंतर जन-संघर्ष की नींव पर टिका है। इसकी शुरुआत 1990 के दशक में हुई, जब आप वाराणसी के प्रतिष्ठित यूपी कॉलेज में छात्रसंघ अध्यक्ष के रूप में चुने गए। वह दौर छात्र राजनीति का स्वर्णिम युग माना जाता है, जहाँ डॉ. सिंह ने अपनी क्रांतिकारी छवि और बेबाक नेतृत्व शैली से अपनी अलग पहचान बनाई थी।
सत्ता के गढ़ में दी चुनौती, राजनीतिक परिदृश्य बदला
वर्ष 2000 में डॉ. परमेंद्र कुमार सिंह ने अपनी राजनीतिक परिपक्वता का परिचय देते हुए जौनपुर के जिला पंचायत चुनाव में एक ऐतिहासिक जीत दर्ज की। उन्होंने उस समय के दिग्गज समाजवादी नेता, स्व. पारसनाथ यादव जी की पत्नी को चुनावी समर में हराकर यह साबित कर दिया कि वे एक मंझे हुए राजनीतिज्ञ हैं।
उनकी सक्रियता और लोकप्रियता का आलम यह रहा कि 2002 के विधानसभा चुनाव में बरसठी विधानसभा क्षेत्र से आपने मुख्यधारा के दिग्गजों को कड़ी टक्कर दी। मात्र कुछ वोटों के मामूली अंतर से जीत से वंचित रह जाना उनके राजनीतिक सफर का एक मोड़ था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। इसके बाद, 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़कर आपने जौनपुर की राजनीति को एक नई दिशा दी और जन-सरोकारों की राजनीति को अपना एकमात्र लक्ष्य बनाया।
मड़ियाहूँ में नया अध्याय: सेवा और संघर्ष का संगम
पिछले 14 वर्षों से डॉ. परमेंद्र कुमार सिंह जौनपुर की मड़ियाहूँ विधानसभा क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने वहां के आमजन, युवाओं और वंचित वर्गों के बीच अपनी एक अलग जगह बनाई है। मड़ियाहूँ की राजनीति को उन्होंने न केवल एक नया आयाम दिया, बल्कि युवा शक्ति को एकजुट कर लोकतांत्रिक मूल्यों को धरातल पर मजबूत करने का काम किया है।
उनकी कार्यशैली में ‘सेवा’ और ‘संघर्ष’ का अनूठा मेल दिखता है। यही कारण है कि आज मड़ियाहूँ की जनता उन्हें अपने एक अभिभावक और मसीहा के रूप में देखती है।
प्रदेश की सियासत में ‘इंटक’ को मिलेगी नई ऊंचाई
INTUC का प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद अब डॉ. परमेंद्र कुमार सिंह की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। श्रमिक वर्ग की समस्याओं को प्रदेश के पटल पर उठाने और उन्हें उनका वाजिब हक दिलाने के लिए वे पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उनके समर्थकों का मानना है कि उनकी अनुभवपूर्ण दृष्टि और जमीन से जुड़ी राजनीति इंटक को उत्तर प्रदेश में एक नई ऊंचाई पर ले जाएगी।
जनता का आशीर्वाद, सदन तक पहुँचेगी आवाज
डॉ. परमेंद्र कुमार सिंह के चाहने वाले और मड़ियाहूँ की सम्मानित जनता अब एक स्वर में यह कामना कर रही है कि आने वाले समय में वे उत्तर प्रदेश के सदन (विधानसभा) में पहुँचकर जन-प्रतिनिधित्व करें। लोगों का विश्वास है कि जिस तरह उन्होंने संघर्षों की भट्टी में खुद को तपाया है, वे सदन में भी जनता की समस्याओं को पूरी गंभीरता और दमदारी के साथ उठाएंगे।
उनकी यह नई जिम्मेदारी केवल एक पद नहीं, बल्कि उनके द्वारा वर्षों से किए जा रहे जन-संघर्षों का सम्मान है। आज पूरा क्षेत्र डॉ. सिंह को इस नई उपलब्धि के लिए शुभकामनाओं से नवाज रहा है।








