उत्तर प्रदेश (इंद्र यादव) प्रतापगढ़//चंदौली। प्रशासनिक सेवा में तैनात दो अधिकारियों के बीच का पारिवारिक विवाद अब कानूनी रूप ले चुका है। दिव्या ओझा और उनके पति अनुपम मिश्रा के बीच चल रहा विवाद अब थाने तक पहुंच गया है, जिससे प्रशासनिक गलियारों में हलचल मच गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चंदौली में तैनात एसडीएम दिव्या ओझा के पिता निशाकांत ओझा ने अपने दामाद अनुपम मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अनुपम मिश्रा ने अपनी शारीरिक स्थिति को छिपाकर धोखे से शादी की। जब उनकी बेटी ने इस पर सवाल उठाया, तो उसके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया।
प्रार्थना पत्र में दहेज को लेकर भी बड़े आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि शादी के समय 20 करोड़ रुपये की मांग की गई, जो बाद में 1 करोड़ नकद और एक लग्जरी वाहन तक सीमित कर दी गई। साथ ही, शादी के बाद से ही दिव्या ओझा को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया गया है।
इसके अलावा, आरोप यह भी है कि अनुपम मिश्रा द्वारा अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और जान से मारने की धमकी दी गई। इन आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
मामले की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो वर्ष 2017 में दिव्या ओझा का पीसीएस में चयन हुआ, जबकि 2019 में अनुपम मिश्रा भी पीसीएस अधिकारी बने। वर्ष 2020 में दोनों का विवाह हुआ, लेकिन बीते करीब छह वर्षों से दोनों के बीच विवाद चला आ रहा था। अंततः वर्ष 2026 में यह मामला प्रतापगढ़ के महिला थाने में दर्ज कराया गया।
यह घटना एक बार फिर समाज में व्याप्त दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा की गंभीरता को उजागर करती है। खास बात यह है कि यह मामला उच्च शिक्षित और जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारियों से जुड़ा है, जो समाज के लिए चिंतन का विषय बन गया है।
फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
SDM दंपति विवाद ने पकड़ा तूल, दहेज और उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से मचा हड़कंप










