Home / Uncategorized / मॉडर्न ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में डायबिटीज मेलिटस पर शैक्षणिक संगोष्ठी आयोजित

मॉडर्न ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में डायबिटीज मेलिटस पर शैक्षणिक संगोष्ठी आयोजित

मॉडर्न ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में डायबिटीज मेलिटस पर शैक्षणिक संगोष्ठी आयोजित

 

मॉडर्न ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के तत्वावधान में मंगलवार को समूह के अंतर्गत संचालित तीनों नर्सिंग- गुरोबिन्दा कॉलेज नर्सिंग, त्रिवेणी कॉलेज नर्सिंग व नवादा कॉलेज नर्सिंग महाविद्यालयों में ‘डायबिटीज मेलिटस’ (Diabetes Mellitus) विषय पर विशेष शैक्षणिक संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य नर्सिंग विद्यार्थियों को मधुमेह के कारण, लक्षण, प्रकार, रोकथाम, उपचार एवं रोग प्रबंधन के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ मॉडर्न शैक्षणिक समूह, नवादा के सचिव डॉ. शैलेश कुमार द्वारा दीप प्रज्ज्वलित किया गया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से आए विशेषज्ञों एवं अतिथियों ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम में प्रो. नलिन के. शास्त्री, पूर्व कुलसचिव (मगध विश्वविद्यालय, बोधगया; इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, दिल्ली एवं डॉ. अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ), श्री अजीत सिन्हा, लर्निंग एंड डेवलपमेंट एक्सपर्ट एवं पूर्व वरिष्ठ प्रबंधक (जीवन बीमा निगम), तथा डॉ. चंद्रभूषण कुमार शर्मा, प्रख्यात शिशु रोग विशेषज्ञ एवं पूर्व प्राचार्य (PMCH, पटना) की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. शैलेश कुमार ने कहा कि मधुमेह आज तेजी से बढ़ती जीवनशैली संबंधी स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है। नर्सिंग विद्यार्थियों की भूमिका केवल रोगी की देखभाल तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें समाज में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है। उन्होंने कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, व्यायाम और अनुशासित जीवनशैली को अपनाकर मधुमेह के जोखिम को कम किया जा सकता है।

प्रो. नलिन के. शास्त्री ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को समाज की वास्तविक समस्याओं के प्रति संवेदनशील एवं जिम्मेदार बनाना भी है। उन्होंने नर्सिंग विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे मधुमेह जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या के प्रति लोगों को जागरूक करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि जागरूकता और सही जानकारी ही स्वस्थ समाज की मजबूत आधारशिला है।

श्री अजीत सिन्हा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य को जीवन की सबसे महत्वपूर्ण पूंजी बताया। उन्होंने कहा कि आज की व्यस्त जीवनशैली में तनाव, अनियमित खान-पान और शारीरिक निष्क्रियता अनेक बीमारियों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वयं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा अपने परिवार एवं समाज को भी इसके लिए प्रेरित करने की सलाह दी।

वहीं डॉ. चंद्रभूषण कुमार शर्मा ने मधुमेह के चिकित्सकीय पक्षों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि डायबिटीज मेलिटस एक दीर्घकालिक चयापचय संबंधी बीमारी है, जिसमें रक्त में ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को टाइप-1 डायबिटीज, टाइप-2 डायबिटीज एवं जेस्टेशनल डायबिटीज के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने मधुमेह के शुरुआती लक्षणों की पहचान, समय पर जांच तथा चिकित्सकीय परामर्श के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान और उचित प्रबंधन से मधुमेह के कारण होने वाली अनेक जटिलताओं से बचाव संभव है।

संगोष्ठी में विद्यार्थियों को मधुमेह की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण तथा समय-समय पर रक्त शर्करा की जांच के महत्व की जानकारी दी गई।

तीनों नर्सिंग महाविद्यालयों की सक्रिय सहभागिता

गुरोबिन्दा नर्सिंग कॉलेज:

ट्यूटर शोभा कुमारी, शिवानी कुमारी एवं मोती मणि के मार्गदर्शन में संगोष्ठी आयोजित हुई। विद्यार्थियों ने मधुमेह से संबंधित तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारियों को समझते हुए उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

त्रिवेणी कॉलेज ऑफ एजुकेशन (नर्सिंग):

ट्यूटर निशु कुमारी भारती एवं कुमारी अपर्णा के निर्देशन में कार्यक्रम आयोजित हुआ। विद्यार्थियों को मधुमेह के शुरुआती लक्षणों की पहचान, रक्त शर्करा की जांच, रोगी की उचित देखभाल तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के संबंध में प्रशिक्षित किया गया।

नवादा कॉलेज ऑफ नर्सिंग:

ट्यूटर प्रीति कुमारी एवं सोना मणि के मार्गदर्शन में संगोष्ठी आयोजित हुई। छात्राओं ने सक्रिय रूप से भाग लेते हुए मधुमेह की रोकथाम एवं नियंत्रण के विभिन्न उपायों की जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम के समापन पर वक्ताओं ने संदेश दिया कि समय पर जांच, संतुलित खान-पान, नियमित शारीरिक गतिविधि एवं चिकित्सकीय सलाह का पालन करके मधुमेह को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है।

इस अवसर पर विभिन्न छात्र-छात्राओं ने भी सक्रिय सहभागिता की। इनमें GBCN से अंशु, नित्यु एवं मनीषा; TCE(N) से रानी राजलक्ष्मी, रूपा एवं शशांक, विकास तथा NCN से निक्की, सिमरन एवं टिविकल सहित अन्य विद्यार्थी उपस्थित रहे।

संगोष्ठी का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल मधुमेह के बारे में सैद्धांतिक जानकारी देना ही नहीं, बल्कि उन्हें रोग की पहचान, रोकथाम, रोगी की देखभाल तथा स्वस्थ जीवनशैली के प्रति व्यावहारिक रूप से जागरूक करना भी रहा। कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी रहा तथा सभी ने स्वास्थ्य जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *