भदोही/इंद्र यादव/उत्तर प्रदेश,प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और गहराते जल संकट के बीच प्रशासन ने पानी चोरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सरकारी हैंडपंपों को अपनी जागीर समझकर उनमें अवैध रूप से समरसेबल पंप लगाने वालों की अब खैर नहीं है। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) बल गोविंद शुक्ला ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए सभी खंड विकास अधिकारियों (BDO) को एक-एक हैंडपंप का बारीकी से सत्यापन (जांच) करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जनता के पानी पर किसी एक व्यक्ति का कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों को ठेंगा दिखाने वालों के खिलाफ सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जनता की प्यास से खिलवाड़ क्यों
दरअसल, जैसे-जैसे पारा बढ़ रहा है, ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में पानी की किल्लत शुरू हो गई है। ऐसे में कई रसूखदार और स्वार्थी लोगों ने सरकारी हैंडपंपों के भीतर चुपके से अपनी समरसेबल मोटर डाल ली है। इसका नतीजा यह हो रहा है कि:
आम जनता बेहाल: पूरा गांव या मोहल्ला पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहा है।
बिजली का खेल: सरकारी हैंडपंप से बिजली की अवैध लाइन जोड़कर मोटर चलाई जा रही है।
जलस्तर में गिरावट: अंधाधुंध पानी खींचने से भूजल स्तर (वाटर लेवल) तेजी से नीचे जा रहा है, जिससे आसपास के अन्य हैंडपंप भी सूख रहे हैं।
CDO के कड़े निर्देश: ‘जांच करो और उखाड़ फेंको’
मुख्य विकास अधिकारी बल गोविंद शुक्ला ने साफ लहजे में कहा है कि अधिकारी एसी कमरों से बाहर निकलें और जमीन पर उतरकर काम करें। उन्होंने सभी बीडीओ को निम्नलिखित आदेश जारी किए हैं:
घर-घर जाकर जांच: हर ब्लॉक के गांवों में लगे सरकारी हैंडपंपों की लिस्ट बनाकर मौके पर जांच की जाए।
तुरंत जब्ती: जहां भी हैंडपंप में समरसेबल लगा मिले, उसे तुरंत उखाड़कर जब्त किया जाए।
दोषियों पर मुकदमा: सरकारी संपत्ति का निजी इस्तेमाल करने और पानी की चोरी करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाए और जरूरत पड़ने पर एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए।
लापरवाह अधिकारियों पर भी गिरेगी गाज
प्रशासन की खुली चेतावनी: “यह अभियान केवल कागजों पर नहीं चलेगा। अगर किसी इलाके में जांच के बाद भी अवैध समरसेबल चलता पाया गया, तो केवल उस व्यक्ति पर ही नहीं, बल्कि इलाके के संबंधित अधिकारी और कर्मचारी पर भी मिलीभगत के आरोप में कड़ी विभागीय कार्रवाई होगी।”
जनता से अपील: सामने आएं, शिकायत करें
प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि अगर उनके आसपास किसी ने सरकारी हैंडपंप पर अवैध कब्जा कर रखा है या समरसेबल लगा रखा है, तो उसकी शिकायत तुरंत ब्लॉक कार्यालय या जिला प्रशासन से करें। शिकायत करने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा।
भीषण गर्मी में पानी पर सबका समान अधिकार है। किसी एक व्यक्ति की स्वार्थपरता पूरे गांव को प्यासा नहीं मार सकती। प्रशासन का यह कदम सराहनीय है, लेकिन देखना यह होगा कि जमीनी स्तर पर यह कार्रवाई कितनी तेजी से पूरी होती है ताकि गरीब और आम जनता को इस तपती गर्मी में राहत मिल सके।










