मिर्जापुर में ‘सूखे’ का तांडव: करणी सेना ने सरकार को दी चेतावनी, तत्काल ‘सूखाग्रस्त’ घोषित करने की हुंकऱ
उत्तर प्रदेश का मिर्जापुर जनपद इस समय भीषण प्राकृतिक आपदा की चपेट में है। इंद्रदेव की बेरुखी और मूसलाधार बारिश के अभाव ने अन्नदाताओं की कमर तोड़कर रख दी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने मोर्चा खोल दिया है। करणी सेना के जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों ने आज जिलाधिकारी कार्यालय पहुँचकर सरकार को कड़े शब्दों में चेतावनी दी और जनपद को अविलंब ‘सूखाग्रस्त’ घोषित करने की मांग की।
खेतों में सूख रही उम्मीदें, किसान बेहाल
ज्ञापन में करणी सेना ने स्पष्ट किया कि मिर्जापुर में इस वर्ष मानसून पूरी तरह से नदारद है। सावन के महीने में भी धरती प्यासी है। किसानों ने अपनी जमा-पूँजी लगाकर जो फसलें खेतों में बोई थीं, वे पानी के अभाव में अब पीली पड़कर सूख रही हैं। सिंचाई के साधन पहले ही जवाब दे चुके हैं, और आसमान से एक बूँद पानी न गिरने से खड़ी फसलें नष्ट हो रही हैं।
”रोजी-रोटी का संकट, अब बर्दाश्त नहीं”
जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि, “मिर्जापुर का किसान आज दोराहे पर खड़ा है। एक तरफ प्रकृति का कहर है, तो दूसरी तरफ प्रशासन की चुप्पी। यदि सरकार ने समय रहते सुध नहीं ली, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगी। यह केवल फसल की बर्बादी नहीं, बल्कि किसानों की रोजी-रोटी और उनके परिवारों के भविष्य का सवाल है।”
करणी सेना की सरकार से प्रमुख मांगें:
तत्काल सूखाग्रस्त घोषित हो: मिर्जापुर को आपदा प्रभावित जिला घोषित कर सरकारी सहायता का मार्ग प्रशस्त किया जाए।
विशेष राहत पैकेज: बर्बाद हुई फसलों का अविलंब आकलन कर किसानों को उचित मुआवजा और विशेष राहत पैकेज प्रदान किया जाए।
सिंचाई की वैकल्पिक व्यवस्था: जहाँ संभव हो, वहाँ टैंकरों या अन्य माध्यमों से तत्काल सिंचाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
कर्जमाफी और बिजली बिल में राहत: संकट की इस घड़ी में किसानों के ऋण को स्थगित किया जाए और बिजली के बिलों में पूरी छूट दी जाए।
हुंकार में शामिल रहे ये पदाधिकारी
इस प्रदर्शन के दौरान करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने पूरी ताकत के साथ अपनी आवाज बुलंद की। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से अभिषेक सिंह धवल, प्रज्ञान कुमार मिश्रा, राकेश कुमार, इंस्पेक्टर सिंह, मधुकर मिश्रा, अतुल सिंह, आलोक सिंह, प्रमोद कुमार सिंह, अजीत सिंह, सुजीत कुमार सिंह और लवकुश तिवारी सहित संगठन के अनेक समर्पित कार्यकर्ता मौजूद रहे।
करणी सेना ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होंगे। अब देखना यह है कि क्या सरकार मिर्जापुर के किसानों की इस पीड़ा को गंभीरता से लेती है या उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया जाता है।








