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शिक्षा, संस्कृति, संगीत और संस्कार का अद्भुत संगम बना मॉडर्न शैक्षणिक समूह*

*शिक्षा, संस्कृति, संगीत और संस्कार का अद्भुत संगम बना मॉडर्न शैक्षणिक समूह*

 

*तुलसी जयंती के अवसर पर 5000 से अधिक विद्यार्थियों ने एक साथ किया संगीतमय रामचरितमानस पाठ*

 

*रामानंद सागर कृत ‘रामायण’ के श्रीराम अरुण गोविल के आगमन से समारोह की गरिमा बढ़ी*

 

*विशिष्ट अतिथि माननीय कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा के कर कमलों से हुआ उद्घाटन*

 

 

 

नवादा। मॉडर्न शैक्षणिक समूह, नवादा के तत्वावधान में मॉडर्न इंगलिश स्कूल, कुंतीनगर के विशाल परिसर में गोस्वामी तुलसीदास जयंती सप्ताह समारोह के अवसर पर रविवार को भव्य एवं यादगार संगीतमय श्रीरामचरितमानस पाठ का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन में मॉडर्न शैक्षणिक समूह की विभिन्न संस्थाओं के 5000 से अधिक छात्र-छात्राओं ने एक साथ श्रीरामचरितमानस के बालकांड के सीता स्वयंवर, धनुष यज्ञ एवं श्रीराम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद का संगीतमय पाठ कर पूरे परिसर को भक्ति, संस्कृति, संगीत और आध्यात्मिक चेतना से सराबोर कर दिया।

 

समारोह की भव्यता उस समय और बढ़ गई, जब लोकप्रिय दूरदर्शन धारावाहिक ‘रामायण’ में भगवान श्रीराम की अविस्मरणीय भूमिका निभाने वाले अभिनेता एवं मेरठ के सांसद अरुण गोविल कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके आगमन पर विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।

 

*भगवा रंग में रंगा विद्यालय परिसर, चंदन तिलक से दिखी संस्कारों की झलक*

 

कार्यक्रम को लेकर मॉडर्न इंग्लिश स्कूल, कुंतीनगर का पूरा परिसर आकर्षक ढंग से सजाया गया था। परिसर में लगे भगवा ध्वज और धार्मिक-सांस्कृतिक सजावट समारोह की भव्यता को और बढ़ा रही थी। अतिथियों के विद्यालय पहुंचने पर मुख्य द्वार से ही पुष्पगुच्छ, पुष्पवर्षा, आरती एवं मंगलाचार के साथ उनका आत्मीय स्वागत किया गया।

 

मानस पाठ में शामिल हजारों विद्यार्थी भगवा परिधान में विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र बने रहे। विद्यार्थियों के मस्तक पर लगा चंदन तिलक भारतीय संस्कृति, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना की सुंदर अभिव्यक्ति प्रस्तुत कर रहा था।

 

*मंगलदीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ समारोह का शुभारंभ*

 

कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन बिहार सरकार के कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा, मुख्य अतिथि अरुण गोविल, मॉडर्न शैक्षणिक समूह के अध्यक्ष डॉ. अनुज कुमार, नवादा जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अशोक कुमार तथा बिहार टीचर्स ट्रेनिंग संगठन के महासचिव डॉ. शैलेश कुमार ने मंगलदीप प्रज्ज्वलित कर किया।

 

दीप प्रज्ज्वलन के अवसर पर हिंदी शिक्षक मनीष कुमार पांडेय एवं उमेश पांडेय ने मंगलाचरण एवं श्रीराम स्तुति की भावपूर्ण संगीतमय प्रस्तुति दी। शंखनाद से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। इसके पश्चात अतिथियों ने प्रभु श्रीराम एवं गोस्वामी तुलसीदास के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पार्पण किया।

 

*‘शिक्षा के साथ संस्कृति और संस्कार भी जरूरी’ — विजय कुमार सिन्हा*

 

अपने संबोधन में बिहार सरकार के कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि मॉडर्न शैक्षणिक समूह द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, सभ्यता और नैतिक मूल्यों के संस्कार विकसित करने का प्रेरणादायी प्रयास है।

 

उन्होंने कहा कि आज के भौतिकवादी दौर में हजारों विद्यार्थियों का एक साथ श्रीरामचरितमानस का पाठ करना अपने आप में अत्यंत सराहनीय है। नवादा की धरती से उठने वाला यह सांस्कृतिक संदेश पूरे देश और दुनिया तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन एवं विद्यार्थियों को इस अनूठे आयोजन के लिए बधाई दी।

 

*‘श्रीराम के चरित्र को आत्मसात करें, सफलता कदम चूमेगी’ — अरुण गोविल*

 

रामानंद सागर कृत ‘रामायण’ में श्रीराम की भूमिका निभाने वाले अरुण गोविल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मॉडर्न शैक्षणिक समूह के इस भव्य आयोजन में शामिल होकर वे स्वयं को गौरवान्वित एवं अभिभूत महसूस कर रहे हैं। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन की प्रशंसा करते हुए कहा कि इतना विशाल और भक्तिमय आयोजन उनके लिए सदैव अविस्मरणीय रहेगा।

 

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि श्रीराम का जीवन हमें सत्य, संयम, धैर्य, कर्तव्य और मर्यादा का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि जीवन में परिस्थितियां कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों, व्यक्ति को आवेश में निर्णय लेने के बजाय धैर्य और विवेक से काम लेना चाहिए।

 

उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता केवल अच्छे अंक प्राप्त करने से नहीं मिलती। सच्ची सफलता तब है, जब हम अच्छे इंसान बनें। सत्य बोलें, अपने वचन का सम्मान करें, कठिन परिस्थितियों में धैर्य रखें और दूसरों के लिए कुछ अच्छा करने का प्रयास करें।

 

अरुण गोविल ने कहा कि जीवन में सुख-दुःख और संघर्ष सभी के हिस्से में आते हैं। इसलिए कठिनाइयों से भागने के बजाय उनका धैर्य और साहस के साथ सामना करने वाले विद्यार्थी ही भविष्य में सफलता की नई इबारत लिखते हैं।

 

उन्होंने ‘रामायण’ धारावाहिक के निर्माण के दौरान के कुछ रोचक एवं यादगार प्रसंग भी विद्यार्थियों के साथ साझा किए। राम-रावण संवाद से जुड़े प्रसंग सुनकर छात्र-छात्राएं विशेष रूप से उत्साहित नजर आए।

 

उन्होंने नवादा की जनता से मिले स्नेह और सम्मान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यही आत्मीयता उन्हें लगातार तीसरी बार नवादा खींच लाई है।

 

*‘रामचरितमानस भारतीय सभ्यता और संस्कृति की अमूल्य धरोहर’ — डॉ. अनुज कुमार*

 

मॉडर्न शैक्षणिक समूह के अध्यक्ष एवं निदेशक डॉ. अनुज कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि विशिष्ट अतिथियों के आगमन से विद्यार्थियों में असाधारण उत्साह का संचार हुआ है। उन्होंने कहा कि हजारों विद्यार्थियों की सहभागिता वाला यह आयोजन विद्यालय के हिंदी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की सामूहिक मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है।

 

उन्होंने कहा कि रामचरितमानस केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता, संस्कृति, नैतिकता और जीवन-मूल्यों की अमूल्य धरोहर है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना का विकास करते हैं तथा उनमें सकारात्मक सोच, अनुशासन, नैतिकता और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करते हैं।

 

उन्होंने कहा कि आज के उपभोक्तावादी दौर में बच्चों को अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़ने वाले ऐसे कार्यक्रमों की विशेष आवश्यकता है।

 

*‘परिवार प्रेम, संस्कार, त्याग और मर्यादा से बनता है’ — डॉ. शैलेश कुमार*

 

मॉडर्न शैक्षणिक समूह के सचिव डॉ. शैलेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि श्रीरामचरितमानस हमें परिवार के वास्तविक स्वरूप की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा—

 

“श्रीरामचरितमानस की दृष्टि में परिवार वह पवित्र संस्था है, जहाँ प्रेम संबंधों को जोड़ता है, संस्कार उन्हें मजबूत करते हैं और त्याग एवं मर्यादा उन्हें स्थायी बनाते हैं।”

 

उन्होंने श्रीराम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न के भ्रातृप्रेम तथा राम-सीता के आदर्श दांपत्य का उदाहरण देते हुए कहा कि परिवार वह है, जहाँ प्रेम के साथ मर्यादा, अधिकार के साथ कर्तव्य और सुख के साथ त्याग की भावना हो।

 

*तीन घंटे तक गूंजता रहा श्रीरामचरितमानस का संगीतमय पाठ, बिहार के प्रसिद्ध तबला वादक नंदन झा ने किया संगत*

 

सुबह करीब 11 बजे प्रारंभ हुए कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने बालकांड के धनुष यज्ञ प्रसंग एवं श्रीराम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद का अत्यंत भावपूर्ण एवं संगीतमय पाठ किया। मंच पर 11 छात्र-छात्राओं ने मुख्य प्रस्तुति दी, जबकि हजारों विद्यार्थी विशाल पंडाल में बैठकर सामूहिक रूप से पाठ में सहभागी बने।

 

मंचीय प्रस्तुति में अनुराधा, साक्षी, प्रिया, रिद्धिमा, परी, आराध्या, तुली, साक्षी एवं अनमोल ने प्रभावशाली भूमिका निभाई। बिहार के प्रसिद्ध तबला वादक नंदन झा ने तबले पर संगत की, जबकि संगीत शिक्षक पवन कुमार एवं अनिल कुमार ने हारमोनियम एवं नाल के माध्यम से प्रस्तुति को संगीतमय ऊंचाई प्रदान की।

 

मंच संचालन का दायित्व छात्राओं प्रज्ञा दूबे, अदिति सिन्हा एवं परिधि ने प्रभावी ढंग से निभाया। विशाल पंडाल में मंच के साथ बड़े एलईडी स्क्रीन भी लगाए गए थे, जिससे दूर बैठे दर्शक भी कार्यक्रम का सहजता से आनंद उठा सके।

 

लगभग तीन घंटे तक चले इस आयोजन के दौरान सामूहिक मानस पाठ, संगीत और विद्यार्थियों के एक स्वर में गूंजते श्रीराम के नाम ने पूरे परिसर को भक्तिमय बना दिया।

 

*आरती, सम्मान एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ समापन*

 

दोपहर करीब दो बजे मानस पाठ का समापन हुआ। इसके बाद प्रभु श्रीराम की सामूहिक आरती की गई। मॉडर्न शैक्षणिक समूह के निदेशक एवं सचिव ने मंचासीन गायन मंडली तथा वाद्य यंत्रों पर संगत करने वाले सभी कलाकारों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।

 

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। बड़ी संख्या में बुजुर्ग, वरिष्ठ अभिभावक, शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के व्याख्याता भी समारोह में उपस्थित रहे।

 

*अरुण गोविल के साथ सेल्फी को लेकर दिखा उत्साह*

 

कार्यक्रम समाप्त होने के बाद अरुण गोविल के साथ तस्वीर एवं सेल्फी लेने के लिए विद्यार्थियों एवं अभिभावकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। विद्यार्थियों ने ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से विद्यालय परिसर को लंबे समय तक गुंजायमान रखा।

 

*शिक्षकों एवं कर्मियों का रहा महत्वपूर्ण योगदान*

 

कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सुजय कुमार, एम.के. विजय, मुकेश कुमार, धर्मवीर सिन्हा, विजय अकेला, चंद्रदीप प्रसाद, समीर सौरभ, दीपक पुष्टि, धर्मप्रकाश, रौशन मिश्रा, राकेश रोशन, एस.के. रंजन, विपुल कुमार, दिनेश कुमार झा, बी.एन. झा, सुनील कुमार वर्मा, समुद्र शंकर कर, आशुतोष आनंद, अंजना दीक्षित, स्वीटी कुमारी, अनुमेहा कुमारी, प्रतिभा कुमारी, प्राची, वंदना कुमारी, लक्की कुमारी, बिस्मिता साहू, रुपाली कुमारी, हनी कुमारी एवं शांभवी वत्स सहित विद्यालय के अन्य सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों का सक्रिय एवं सराहनीय सहयोग रहा।

 

*शिक्षा, संस्कृति और संस्कार का संगम बना मॉडर्न शैक्षणिक समूह*

 

गोस्वामी तुलसीदास जयंती सप्ताह के अवसर पर आयोजित यह भव्य समारोह इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि संस्कारवान, संवेदनशील, अनुशासित और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना भी है।

 

5000 से अधिक विद्यार्थियों का एक साथ श्रीरामचरितमानस का संगीतमय पाठ भारतीय संस्कृति के प्रति उनकी आस्था और जुड़ाव का जीवंत उदाहरण बना। समारोह ने यह संदेश दिया कि आधुनिक शिक्षा और भारतीय संस्कृति एक-दूसरे की पूरक हैं।

 

यदि नई पीढ़ी को आधुनिक ज्ञान के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ा जाए, तो वही पीढ़ी देश की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

 

नवादा की धरती पर आयोजित इस विराट समारोह ने शिक्षा, संस्कृति, संगीत, आध्यात्मिकता और संस्कार का ऐसा अद्भुत संगम प्रस्तुत किया, जिसकी स्मृतियां विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और उपस्थित जनसमुदाय के मन में लंबे समय तक अंकित रहेंगी।

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