Home / Uncategorized / NCRB 2024: यूपी में ‘जीरो टॉलरेंस’ का असर, राष्ट्रीय औसत से काफी नीचे रही अपराध दर

NCRB 2024: यूपी में ‘जीरो टॉलरेंस’ का असर, राष्ट्रीय औसत से काफी नीचे रही अपराध दर

 

​NCRB 2024: यूपी में ‘जीरो टॉलरेंस’ का असर, राष्ट्रीय औसत से काफी नीचे रही अपराध दर

​लखनऊ, 07 मई: उत्तर प्रदेश में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर योगी सरकार की नीतियों को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता मिली है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की ताजा रिपोर्ट 2024 के आंकड़ों ने इसकी पुष्टि की है। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण के अनुसार, यूपी में ‘क्राइम रेट’ में आई भारी गिरावट राज्य की सुदृढ़ कानून-व्यवस्था का वैज्ञानिक प्रमाण है।

​आंकड़ों की जुबानी: राष्ट्रीय औसत बनाम उत्तर प्रदेश

​डीजीपी ने स्पष्ट किया कि राज्यों के बीच अपराध की तुलना करने का सबसे सटीक पैमाना ‘क्राइम रेट’ (प्रति लाख आबादी पर अपराध) होता है। रिपोर्ट के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

​राष्ट्रीय क्राइम रेट: 252.3

​उत्तर प्रदेश का क्राइम रेट: 180.2

​निष्कर्ष: यूपी का अपराध ग्राफ राष्ट्रीय औसत से काफी नीचे बना हुआ है, जो पिछले कुछ वर्षों में किए गए ठोस सुधारों का परिणाम है।

​धरातल पर उतरी ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति

​डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अपराधियों के प्रति अपनाई गई ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अब केवल कागजी दावा नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत बन चुकी है। पिछले 9 वर्षों में पुलिसिंग के बुनियादी ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव किए गए हैं:

​महिला सुरक्षा: एंटी-रोमियो स्क्वॉड और हर थाने में समर्पित ‘महिला हेल्प डेस्क’ ने महिलाओं के बीच सुरक्षा का भाव पैदा किया है।

​त्वरित न्याय: कमजोर वर्गों को जल्द न्याय दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों का प्रभावी संचालन।

​संगठित अपराध पर प्रहार: माफिया और संगठित गिरोहों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई से कानून का राज स्थापित हुआ है।

​संवेदनशील और पारदर्शी पुलिसिंग

​यूपी पुलिस की कार्यशैली में आए बदलाव पर जोर देते हुए महानिदेशक ने कहा कि अब पुलिस की पहचान एक ‘सुलभ और संवेदनशील’ बल के रूप में हो रही है।

​”उत्तर प्रदेश पुलिस अब डिजिटल माध्यमों पर आने वाली छोटी से छोटी शिकायत का भी संज्ञान लेती है। अधिक पंजीकरण (FIR) इस बात का प्रतीक है कि जनता का पुलिस पर भरोसा बढ़ा है और व्यवस्था अब अधिक पारदर्शी हुई है।”

​निष्कर्ष: एनसीआरबी के ये आंकड़े गवाही देते हैं कि उत्तर प्रदेश अब अपराध प्रधान राज्य की छवि को पीछे छोड़कर एक सुरक्षित और कानून सम्मत प्रदेश के रूप में अपनी नई पहचान बना चुका है।

​प्रमुख बिंदु (Summary Table)विवरण राष्ट्रीय औसत उत्तर प्रदेश

क्राइम रेट (2024) 252.3 180.2

नीति – जीरो टॉलरेंस

मुख्य फोकस – महिला सुरक्षा, तकनीक और त्वरित न्याय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *