सपा और तूफानी सरोज सवर्ण समाज के साथ-साथ दलित विरोधी भी: पूर्व विधायक दिनेश चौधरी
केराकत (जौनपुर)।
भारतीय जनता पार्टी के नेता व पूर्व विधायक दिनेश चौधरी ने समाजवादी पार्टी और केराकत विधायक तूफानी सरोज पर जोरदार राजनीतिक हमला बोला है। दिनेश चौधरी ने सपा को सनातन, सवर्ण और दलित विरोधी बताते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की नीतियां हमेशा से समाज को बांटने और हिंदुत्व को कमजोर करने की रही हैं।
ब्राह्मण हिंदुत्व की रीढ़, भाजपा ही समझती है इनका सम्मान
प्रेस को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक दिनेश चौधरी ने कहा कि ब्राह्मण हमारी संस्कृति और हिंदुत्व की रीढ़ हैं, जिसे केवल भारतीय जनता पार्टी ही सही मायनों में समझती है और सम्मान देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य राजनीतिक दल समाज में तरह-तरह की भ्रांतियां फैलाकर हिंदुत्व की एकजुटता को तोड़ना चाहते हैं और इसमें समाजवादी पार्टी सबसे आगे है।
उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा, “कार सेवकों पर गोली चलवाने वाले कभी सनातन के समर्थक नहीं हो सकते। नमाजवादी सोच रखने वाले लोग सनातन संस्कृति का महत्व कभी नहीं समझ सकते। इनका एकमात्र मकसद हिंदुओं में फूट डालकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेकना है।”
अखिलेश के शह पर हो रहा ब्राह्मण समाज का अपमान
दिनेश चौधरी ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हाल ही में सियासी फायदे के लिए अखिलेश यादव ने अपने ‘PDA’ के नारे में ‘P’ का मतलब ‘पंडित’ से जोड़ दिया था, लेकिन उनके पार्टी नेता लगातार ब्राह्मणों को अपमानित करने में लगे हैं।
उन्होंने कहा कि केराकत से सपा विधायक तूफानी सरोज द्वारा ब्राह्मण समाज के खिलाफ दिया गया बयान अखिलेश यादव की शह पर दिया गया है। सपा को लगता है कि 2027 के चुनाव में ब्राह्मण उनके बहकावे में आ जाएंगे, लेकिन ब्राह्मण समाज बुद्धिमान है और अपने अपमान को भूलता नहीं है। तूफानी सरोज का यह बयान सपा के लिए ताबूत में आखिरी कील साबित होगा।
2027 के चुनाव में मिलेगा करारा जवाब
दिनेश चौधरी ने कहा कि सनातन से नफरत और बाबर की विचारधारा से प्रेम करने वालों को जनता भली-भांति पहचान चुकी है। 2027 के विधानसभा चुनाव में इसका परिणाम सामने आ जाएगा। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 2022 के चुनाव में भाजपा ने कई ब्राह्मणों को प्रतिनिधित्व दिया, जिसके चलते आज विधानसभा में बीजेपी के 45 ब्राह्मण विधायक हैं, जबकि समाजवादी पार्टी से महज 5 ब्राह्मण विधायक ही जीत सके हैं।
परिवारवाद और दलित विरोधी मानसिकता पर हमला
समाजवादी पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि सपा का समाजवाद से कोई लेना-देना नहीं है; यह केवल एक परिवार की पार्टी है। अखिलेश यादव और तूफानी सरोज दोनों को केवल अपने परिवार के भले की चिंता है।
स्वयं दलित समाज का प्रतिनिधित्व करने की बात कहते हुए पूर्व विधायक ने तूफानी सरोज को खुला चैलेंज दिया। उन्होंने कहा, “मैं खुद दलित समाज से आता हूं। मैं तूफानी सरोज को चुनौती देता हूं कि वे अपने पूरे राजनीतिक जीवन में किसी एक दलित व्यक्ति का नाम बता दें, जिसे उन्होंने आगे बढ़ाया हो या राजनीतिक रूप से मजबूत किया हो।”









