जनसंघर्ष रंग लाया, सरायबीरू में फिर विराजे शहीद भगत सिंह
25 दिन बाद क्षतिग्रस्त प्रतिमा का पुनःस्थापन, अनशनकारियों की मौजूदगी में हुआ विधि-विधान से अनावरण
केराकत। सरायबीरू चौराहे के पास मोटर दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हुई शहीद भगत सिंह की प्रतिमा आखिरकार शुक्रवार को फिर स्थापित कर दी गई। नगरवासियों, समाजसेवियों और अनशनकारियों के जनसंघर्ष के बाद प्रतिमा का विधि-विधान से पूजन कर नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ज्योति कृष्णा जायसवाल, उपजिलाधिकारी केराकत अखिलेश कुमार सिंह और प्रभारी निरीक्षक कोतवाली केराकत अमरेंद्र कुमार पांडेय की उपस्थिति में अनावरण किया गया। प्रतिमा के पुनःस्थापन के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल रहा।
सरायबीरू चौराहे पर पूर्व में स्थापित भगत सिंह की प्रतिमा मोटर दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बाद प्रतिमा को दोबारा स्थापित कराने की मांग को लेकर नगरवासियों और समाजसेवियों ने आवाज उठाई। इसी क्रम में अधिवक्ता अनिल सोनकर गांगुली, संत बाबा राम जनम नागर और फौजी सुभाष यादव ने 10 अगस्त को आमरण अनशन शुरू किया था।
आमरण अनशन की जानकारी होने पर उसी दिन उपजिलाधिकारी अखिलेश कुमार सिंह और तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक अरविंद पांडेय ने अनशनकारियों के साथ समाजसेवी हंस कुमार सोनकर ‘मकालू’ और आरटीआई कार्यकर्ता इंद्रसेन सिंह की मौजूदगी मैं वार्ता सम्पन्न हुई। प्रशासन ने प्रतिमा के पुनःस्थापन के लिए 15 दिन का समय मांगा था, जिसके बाद अनशन समाप्त कराया गया।
प्रशासन की ओर से दिए गए आश्वासन के क्रम में शुक्रवार को प्रतिमा को उसी स्थान पर पुनः स्थापित किया गया। विधि-विधान से पूजन के बाद नगर पंचायत अध्यक्ष ज्योति जयसवाल , उपजिलाधिकारी और प्रभारी निरीक्षक की मौजूदगी में अनशनकारियों ने प्रतिमा का अनावरण किया। गाजे-बाजे के बीच हुए कार्यक्रम में लोगों ने शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर श्रद्धा-सुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि भगत सिंह की प्रतिमा का पुनःस्थापन महज एक प्रतिमा की स्थापना नहीं, बल्कि उनके विचारों, राष्ट्रप्रेम, साहस और बलिदान के सम्मान की पुनर्स्थापना है। क्षेत्रवासियों ने प्रतिमा के पुनःस्थापन को जनसंघर्ष की जीत बताया और कहा कि सामूहिक प्रयास से शहीद की स्मृति को फिर उसी स्थान पर सम्मान मिला है।
कार्यक्रम में प्रमुख आयोजनकर्ता हंस कुमार सोनकर ‘मकालू’, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि कृष्णा जायसवाल ‘गोलू’, अधिवक्ता अनिल सोनकर गांगुली, संत बाबा राम जनम नागर, फौजी सुभाष यादव, पूर्व सैनिक इंद्रसेन सिंह, घनश्याम जायसवाल, रवि, सौरभ तिवारी, अमन सोनकर, आकाश यादव, पवन मौर्य सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिमा के पुनःस्थापन में सहयोग करने वाले नगरवासियों, युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, अनशनकारियों और जनसंघर्ष से जुड़े सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।










