नारी शक्ति वंदन विधेयक पर सियासत तेज, भदोही में महिलाओं की मिली-जुली प्रतिक्रिया
संवाददाता – भदोही
भदोही। लोकसभा में नारी शक्ति वंदन विधेयक को लेकर चली बहस और विपक्ष के विरोध के बाद बिल पारित नहीं हो सका, जिसके चलते इसे लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। जनपद भदोही में भी इस मुद्दे पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

मुक्ता बरनवाल कालीन निर्यातक भदोही

प्रियंका सिंह ब्लाक प्रमुख भदोही

सभासद विजया देवी
भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी महिलाओं ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि यह विधेयक महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को सशक्त बनाने वाला कदम था। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के विरोध के कारण महिलाओं को मिलने वाला महत्वपूर्ण अवसर फिलहाल टल गया है।

महिला जागरूक मंच की संयोजक संगीता खन्ना ने कहा कि यह विधेयक महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में सशक्त भागीदारी का अवसर देता। डॉ. अर्चना सिंह ने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण मिलने से नीति निर्माण में उनकी भूमिका मजबूत होती।

पूर्व ब्लॉक प्रमुख पूनम मौर्या ने इसे ग्रामीण महिलाओं के लिए लाभकारी बताते हुए कहा कि इससे गांव की महिलाओं को नेतृत्व में आने का अवसर मिलता।

सामाजिक कार्यकर्ता सपना दुबे ने कहा कि इस तरह के प्रयास महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं और समाज में लैंगिक समानता को प्रोत्साहित करते हैं।

शबाना खातून अध्यक्ष महिला कांग्रेस भदोही
वहीं, विपक्ष से जुड़े कुछ स्थानीय नेताओं ने विधेयक के प्रावधानों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें कई व्यावहारिक और संवैधानिक पहलुओं पर स्पष्टता आवश्यक है। उनका कहना है कि व्यापक सहमति के बिना किसी भी महत्वपूर्ण विधेयक को पारित करना उचित नहीं है।
भाजपा की महिला पदाधिकारियों ने कहा कि विपक्ष के विरोध के कारण बिल को पारित न किया जा सकना दुर्भाग्यपूर्ण है। उनका दावा है कि यदि यह विधेयक पारित होता तो देशभर की महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में नया अवसर मिलता।
जनपद में इस मुद्दे को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आगे इस विधेयक को लेकर केंद्र सरकार क्या रणनीति अपनाती है।









