*सत्येन्द्र बारी के दो वर्षों का समर्पित सेवा कार्य*:
*उत्तर प्रदेश के 75 जनपदों में जनसंपर्क और समस्याओं का समाधान*
अजित पाण्डेय
मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मुख्यमंत्री की हेड्यांश तथा उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य सत्येन्द्र बारी ने आयोग के सदस्य के रूप में अपने दो वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों और जनसेवा कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक की है। “तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहें” के देशभक्ति के मूल मंत्र के साथ, उन्होंने “जनता के बीच – संगठन के साथ – समाधान के लिए” के संकल्प को साकार करने का दावा किया है उन्होंने अपने
जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार, 730 दिनों के कुल कार्यकाल में से सत्येन्द्र बारी ने 706 दिन संपूर्ण उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों का गहन प्रवास किया। इस दौरान वे लगातार जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को सुनते और आयोग के स्तर पर उनका समाधान करते रहे।
तथा उन्होंने प्रदेश भर में 2.5 लाख किलोमीटर से अधिक की सड़क यात्रा तय की।
जनचौपाल व बैठकें: क़ी एवं उत्तर प्रदेश के विभिन्न गांवों और शहरों में 700 से अधिक जनचौपालों का आयोजन किया गया तथा 1000 से अधिक बैठकें आयोजित की गईं। उन्होंने प्रदेश भर में 55 से अधिक जनसंपर्क कार्यालय स्थापित किए गए हैं। इन प्रयासों के माध्यम से लगभग 1 लाख से अधिक लोगों तक प्रत्यक्ष सहायता पहुँचाने का कार्य किया गया।
जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ‘टीम सत्येन्द्र बारी’ द्वारा एक 24X7 कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा है। एवं मजबूत संगठन व कार्यकर्ताओं का नेटवर्क
सत्येन्द्र बारी, जो अखिल भारतीय बारी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और एकल विद्यालय अभियान (जागरण विभाग) के पूर्व नि. राष्ट्रीय प्रभारी भी हैं, उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रत्येक जनपद में 500 समर्पित स्वयंसेवक सक्रिय हैं और पूरे प्रदेश में 27,500 समर्पित कार्यकर्ताओं का एक विशाल नेटवर्क खड़ा किया गया है।
सत्येन्द्र बारी का मानना है कि पिछड़ा वर्ग आयोग के माध्यम से समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों को न्याय दिलाना और उनके अधिकारों की रक्षा करना ही उनका मुख्य उद्देश्य रहा है।









