बीमा कंपनी को 3.50 लाख रुपये भुगतान का आदेशजिला उपभोक्ता आयोग भदोही का फैसला, ट्रैक्टर क्लेम खारिज करना पड़ा महंगा
भदोही। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, भदोही ने बीमा दावा निरस्त करने के मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए बीमा कंपनी को परिवादी को 3 लाख 50 हजार रुपये मय ब्याज अदा करने का आदेश दिया है। यह निर्णय उपभोक्ता परिवार संख्या 62/2024 में अध्यक्ष श्री संजय कुमार डे एवं सदस्य श्रीमती दीप्ति श्रीवास्तव तथा श्री विजय बहादुर सिंह की पीठ द्वारा 6 अप्रैल 2026 को सुनाया गया।
परिवादी सुनील कुमार यादव निवासी हरियोंव, तहसील भदोही ने टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, एक्सिस बैंक लिमिटेड शाखा भदोही सहित अन्य विपक्षियों के विरुद्ध परिवाद दायर किया था। परिवाद 12 जुलाई 2024 को दाखिल हुआ था।
परिवाद के अनुसार, परिवादी ने कृषि कार्य हेतु ट्रैक्टर (पंजीयन संख्या यूपी-66 एएफ-8732) का बीमा 6 सितंबर 2023 से 5 सितंबर 2024 तक कराया था। 3 जनवरी 2024 को खेत की जुताई के दौरान ट्रैक्टर पेड़ से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गया। इसकी सूचना अगले दिन बीमा कंपनी को दी गई, जिस पर सर्वे भी कराया गया।
परिवादी का आरोप था कि बीमा कंपनी ने यह कहते हुए दावा निरस्त कर दिया कि ट्रैक्टर का वाणिज्यिक उपयोग किया जा रहा था, जबकि वह अपने निजी कृषि कार्य में प्रयुक्त हो रहा था। ट्रैक्टर की मरम्मत में लगभग 2 लाख 50 हजार रुपये खर्च हुए, लेकिन बीमा कंपनी ने भुगतान से इनकार कर दिया।
आयोग ने मामले की सुनवाई के बाद पाया कि बीमा कंपनी द्वारा दावा अस्वीकार करना उचित नहीं था। आयोग ने विपक्षीगण को निर्देश दिया कि वे परिवादी को 2 लाख 50 हजार रुपये मरम्मत व्यय तथा मानसिक व शारीरिक क्षति के मद में एक लाख रुपये सहित कुल 3 लाख 50 हजार रुपये मय ब्याज अदा करें।
आयोग के इस निर्णय को उपभोक्ता अधिकारों की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।










