पुरानी पेंशन योजना (OPS) शिक्षकों का अधिकार, इसे बहाल करना समय की मांग : डॉ. दिव्या ज्योति
स्थान : अकबरपुर, नवादा
शिक्षक सशक्तिकरण यात्रा के अंतर्गत आज नवादा जिले के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शिक्षक साथियों, शिक्षिकाओं एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों से व्यापक संवाद एवं विचार-विमर्श किया गया। संवाद के दौरान पुरानी पेंशन योजना (OPS) का मुद्दा सबसे प्रमुखता से सामने आया। बड़ी संख्या में शिक्षक साथियों ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा प्रत्येक शिक्षक का अधिकार है और पुरानी पेंशन योजना की बहाली उनकी वर्षों पुरानी एवं न्यायसंगत मांग है।
इस अवसर पर पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की एमएलसी प्रत्याशी डॉ. दिव्या ज्योति ने कहा—
“जिस शिक्षक ने अपना पूरा जीवन समाज और राष्ट्र के भविष्य को संवारने में समर्पित किया हो, उसकी सेवानिवृत्ति सम्मान और आर्थिक सुरक्षा के साथ होनी चाहिए। पुरानी पेंशन योजना केवल आर्थिक विषय नहीं, बल्कि शिक्षक के सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और आत्मसम्मान का प्रश्न है।”
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महँगाई लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सेवानिवृत्त शिक्षकों के लिए निश्चित एवं सुरक्षित पेंशन व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। शिक्षकों को भविष्य की चिंता से मुक्त कर ही वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे सकते हैं।
डॉ. दिव्या ज्योति ने कहा कि शिक्षक समाज ने OPS के साथ-साथ वेतन विसंगति, समयबद्ध प्रोन्नति, सेवा सुरक्षा, पारदर्शी स्थानांतरण नीति, विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विकास, डिजिटल शिक्षा एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी अपनी चिंताएँ और सुझाव साझा किए। उन्होंने विश्वास दिलाया कि शिक्षक समाज की प्रत्येक जायज़ मांग को पूरी मजबूती के साथ उचित मंचों पर उठाया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा—
“मेरा संकल्प है कि शिक्षक समाज की आवाज़ को सदन से लेकर सरकार तक पूरी मजबूती के साथ पहुँचाया जाए। शिक्षक सम्मान, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, सेवा सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक सुधार के लिए मेरा संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।”
उन्होंने सभी शिक्षक साथियों से एकजुट होकर शिक्षक सम्मान और शिक्षा सुधार के इस अभियान को मजबूत बनाने का आह्वान किया।
संकल्प
“पुरानी पेंशन योजना – शिक्षक का अधिकार।
सम्मानित शिक्षक – सुरक्षित भविष्य।
सुरक्षित शिक्षक – सशक्त शिक्षा।
सशक्त शिक्षा – विकसित बिहार।










