भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली में प्रकृति के ‘शोषण’ पर प्रशासन का प्रहार: खिजरसराय के इंजीनियरिंग कॉलेज घाट से बालू लदा ट्रैक्टर जब्त
खिजरसराय (गया):
जिस मगध की पावन धारा पर भगवान बुद्ध ने सम्यक जीवन, प्रकृति के प्रति करुणा और अपरिग्रह (अनावश्यक संचय न करना) का संदेश दिया था, उसी धरती पर चंद भू-माफिया प्रकृति के सीने को छलनी कर अवैध कमाई में लिप्त हैं। लेकिन, प्रशासन ने भी यह स्पष्ट कर दिया है कि बुद्ध की शांति-प्रिय भूमि पर प्रकृति का शोषण करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
रविवार की देर शाम खिजरसराय थाना क्षेत्र के इंजीनियरिंग कॉलेज घाट के समीप अवैध बालू खनन की गुप्त सूचना मिलते ही प्रशासन की नींद खुली। उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) के सख्त निर्देशों के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घाट पर अचानक छापेमारी की। पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध बालू उत्खनन में शामिल माफियाओं के बीच भगदड़ और हड़कंप मच गया।
लंबे समय से जेसीबी से हो रहा था प्रकृति का ‘दोहन’
स्थानीय स्रोतों के अनुसार, इंजीनियरिंग कॉलेज घाट के पास लंबे समय से जेसीबी मशीनों के जरिए अवैध रूप से बालू का भारी उठाव किया जा रहा था। लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने रविवार शाम को रणनीति बनाकर मौके पर दबिश दी। पुलिस वाहन की आहट मिलते ही बालू माफिया और उनके कारिंदे अपने वाहनों के साथ अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर मौके से बालू से लदे एक ट्रैक्टर को जब्त कर लिया।
जब्त वाहन को खिजरसराय थाने लाया गया है।
माइनिंग ऑफिसर ने लिया संज्ञान, अरेस्टिंग के कड़े निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए डिस्ट्रिक्ट माइनिंग ऑफिसर (DMO) ने भी इसका संज्ञान लिया है। उन्होंने खिजरसराय थानाध्यक्ष नेहा कुमारी से दूरभाष पर बातचीत कर स्थिति की पूरी जानकारी ली। माइनिंग ऑफिसर ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन और खनन विभाग अवैध खनन को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाए हुए हैं। उन्होंने थानाध्यक्ष को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि अवैध बालू उत्खनन और परिवहन में शामिल सभी माफियाओं व चालकों की तुरंत पहचान कर उनकी गिरफ्तारी (अरेस्ट) सुनिश्चित की जाए।
थानाध्यक्ष का बयान: नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
मामले की पुष्टि करते हुए खिजरसराय थानाध्यक्ष नेहा कुमारी ने बताया:
”इंजीनियरिंग कॉलेज घाट पर अवैध बालू उठाव की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही तत्काल पुलिस टीम को छापेमारी के लिए भेजा गया। मौके से एक बालू लदा ट्रैक्टर जब्त किया गया है। माइनिंग ऑफिसर से भी इस संबंध में बात हुई है। खनन और परिवहन के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर संलिप्त लोगों की गिरफ्तारी के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है।”
बुद्ध के संदेश और माफियाओं के लालच की जंग
बौद्ध दर्शन हमें सिखाता है कि “प्रकृति और मनुष्य का संबंध सह-अस्तित्व का है, शोषण का नहीं।” नदियां और उनके तट प्राकृतिक संतुलन की रीढ़ हैं। लेकिन जब इंसान का लोभ-लालच बुद्ध के इन नैतिक सिद्धांतों पर हावी होता है, तो अवैध खनन जैसी गतिविधियां जन्म लेती हैं। प्रशासन की इस कड़ी कार्रवाई और माइनिंग विभाग के सख्त रुख ने यह संदेश साफ दे दिया है कि कानून व्यवस्था और प्राकृतिक संपदा की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।









