लखनऊ/भदोही। बुधवार शाम अचानक बदले मौसम ने पूरे उत्तर प्रदेश को हिला कर रख दिया। तेज आंधी-बारिश और करीब 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने कई जिलों में व्यापक तबाही मचा दी। हजारों पेड़ जड़ से उखड़ गए, बिजली के खंभे धराशायी हो गए, टीनशेड और सोलर पैनल उड़ गए, कच्चे-पक्के मकान क्षतिग्रस्त हो गए और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।
भदोही में सबसे ज्यादा असर, 15 की दर्दनाक मौत
भदोही जिले में तूफान ने विकराल रूप लिया।
मुसी क्षेत्र में कई विशाल पेड़ सड़क पर गिरने से यातायात बाधित रहा।
गोपीगंज में छत पर लगा सोलर पैनल तेज हवा में उड़ गया।
ज्ञानपुर क्षेत्र में चार सोलर पैनल अलग-अलग स्थानों पर गिरने की सूचना मिली।
जगह-जगह बिजली के पोल और तार टूटने से लंबी बिजली कटौती रही।
दर्दनाक घटनाएं:
जमुन्द (कसाई मोहल्ला) में छत पर कपड़े उतारने गई महिला पर दीवार गिरने से मौत।
मीनापुर (ज्ञानपुर) में विशाल पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की जान गई।
दुगना गांव (ज्ञानपुर) में महुआ का पेड़ गिरने से महिला की दर्दनाक मौत।
बसवापुर (सुरियावां) में घर पर पेड़ गिरने से एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत।
इन घटनाओं के बाद पूरे जिले में शोक और दहशत का माहौल है।
प्रदेशभर में तबाही का मंजर
सुबह से शाम तक आसमान में अंधेरा छाया रहा। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश ने शहरों और गांवों को बुरी तरह प्रभावित किया।
पेड़ और बिजली व्यवस्था: सैकड़ों-हजारों पेड़ सड़कों पर गिरे। बिजली के खंभे और तार टूटने से कई जिलों में आपूर्ति ठप रही।
मकान और शेड: कच्चे मकान ढहे, टीन की छतें उड़ गईं, कई पक्के घरों को भी नुकसान पहुंचा।


जनहानि: पेड़ गिरने, बिजली गिरने और मकान ढहने से कई जिलों से मौत और घायलों की खबरें लगातार आ रही हैं।
प्रशासन अलर्ट पर, राहत-बचाव तेज
मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा राहत टीमें सक्रिय हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ प्रभावित क्षेत्रों में राहत-बचाव कार्य में जुटी हैं। घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है और मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
बिजली विभाग की टीमें पोल खड़े करने और लाइन दुरुस्त करने में लगी हैं, जबकि नगर निकाय सड़कों से मलबा और गिरे पेड़ हटाने का काम तेजी से कर रहे हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने आगामी दिनों में आंधी-बारिश और आकाशीय बिजली की आशंका जताते हुए अलर्ट जारी किया है। लोगों से अपील की गई है कि अनावश्यक घर से बाहर न निकलें, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें तथा सुरक्षित स्थानों पर रहें।
इस बेमौसम तूफान से किसानों की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है।
तूफान के इस कहर ने पूरे उत्तर प्रदेश को दहला दिया है। राहत कार्य जारी है, लेकिन नुकसान की भरपाई में समय लगेगा।










