
मुंबई (इंद्र यादव) आर्थिक राजधानी के वर्ली इलाके में पुलिस और प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी के काले खेल को बेनकाब किया है। भीड़भाड़ वाले रिहायशी इलाके में अवैध रूप से सिलेंडरों का भंडारण कर यह गैंग न केवल लोगों की जेब काट रहा था, बल्कि पूरे इलाके को बारूद के ढेर पर बिठा रखा था।
कैसे चलता था ‘गैस चोरी’ का गंदा खेल
छापेमारी के दौरान जो बातें सामने आईं, वो चौंकाने वाली हैं। यह गैंग केवल ऊंचे दामों पर सिलेंडर नहीं बेचता था, बल्कि ‘गैस रिफिलिंग’ के जरिए ग्राहकों को चूना लगाता था:
सिलेंडर से गैस की चोरी: गैंग के सदस्य बड़े ही शातिराना तरीके से घरेलू गैस सिलेंडरों (14.2 kg) से गैस निकालकर उन्हें कमर्शियल सिलेंडरों या छोटे अवैध बोतलों में भरते थे।
वजन में हेराफेरी: एक भरे हुए सिलेंडर से 1 से 2 किलो गैस निकालकर उसे दोबारा ‘सील’ कर दिया जाता था, ताकि आम ग्राहक को पता ही न चले कि उसे कम गैस मिली है।
ऊंची कीमतों पर बिक्री: जरूरतमंद लोगों और छोटे होटल संचालकों को ये सिलेंडर बाजार भाव से दोगुने दामों पर बेचे जा रहे थे।
मौत को दावत देता ‘अवैध गोदाम’
सबसे डराने वाली बात यह थी कि यह पूरा गोरखधंधा एक ऐसी जगह चल रहा था जहां सैकड़ों परिवार रहते हैं। बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के, एक छोटे से कमरे में दर्जनों सिलेंडर ठूंस-ठूंस कर रखे गए थे। गैस रिफिलिंग के दौरान एक छोटी सी चिंगारी भी पूरे वर्ली इलाके में बड़ी तबाही ला सकती थी।
बड़ी कार्रवाई: भारी मात्रा में सिलेंडर जब्त
पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर जाल बिछाया और रंगे हाथों आरोपियों को दबोच लिया। इस एक्शन में.
भारी मात्रा में घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर बरामद किए गए।
गैस ट्रांसफर करने वाली अवैध मशीनें और नोजल जब्त किए गए।
गैंग के मुख्य सरगना समेत कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।







