वायरल वीडियो से बढ़ा सियासी तापमान: ‘लाठी’ बनाम ‘जूता’ की चुनौती, दो पक्ष आमने-सामने
वायरल वीडियो में अनूप शुक्ला नामक व्यक्ति खुद को करीब 200 लोगों के काफिले के साथ बाराबंकी पहुंचने की बात कहते हुए दिखाई दे रहा है
बाराबंकी/गोंडा (इंद्र यादव)। उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो वीडियो ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक तरफ Chandrashekhar Azad के समर्थकों द्वारा कथित रूप से लाठी-डंडों की तैयारी का वीडियो सामने आया है, तो दूसरी ओर गोंडा के एक युवक द्वारा 200 लोगों के काफिले के साथ बाराबंकी पहुंचने और ‘जूता मार’ विरोध की चेतावनी वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इन दोनों वीडियो ने इलाके में सियासी माहौल को गर्मा दिया है।
सोशल मीडिया पर वायरल पहले वीडियो में कुछ लोग कंधे पर लाठी-डंडों का गट्ठर लेकर जाते दिखाई दे रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि ये डंडे कथित रूप से उन लोगों के लिए तैयार किए जा रहे हैं जो बाराबंकी का माहौल खराब करने की कोशिश करेंगे। वीडियो के साथ यह भी कहा जा रहा है कि यह तैयारी आज़ाद समाज पार्टी के समर्थकों की ओर से की जा रही है। हालांकि इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
दूसरी ओर गोंडा जिले के मझाउआ क्षेत्र से एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें अनूप शुक्ला नामक व्यक्ति खुद को करीब 200 लोगों के काफिले के साथ बाराबंकी पहुंचने की बात कहते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो में वह Chandrashekhar Azad को खुली चुनौती देते हुए कहता है कि अगर आमना-सामना हुआ तो विरोध ‘जूता’ दिखाकर किया जाएगा।
वीडियो में दावा किया गया है कि यह काफिला गोंडा से बाराबंकी तक करीब 100-110 किलोमीटर का सफर तय करेगा। बताया जा रहा है कि यह रास्ता मुख्य रूप से National Highway 27 से होकर गुजरता है और बाइक से यह दूरी लगभग ढाई से तीन घंटे में पूरी की जा सकती है।
दोनों वीडियो के वायरल होने के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोग इसे राजनीतिक बयानबाजी और सोशल मीडिया की गर्मागर्म बहस का हिस्सा मान रहे हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इन गतिविधियों ने बाराबंकी और आसपास के जिलों में सियासी माहौल को जरूर गरमा दिया है।
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सतर्क है। वहीं लोगों से अपील की जा रही है कि अपुष्ट वीडियो और भड़काऊ संदेशों को शेयर करने से बचें।







