बहुपक्षीय वार्ता में शामिल होने के लिए United Kingdom ने भारत को भेजा औपचारिक आमंत्रण
नई दिल्ली,
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। Strait of Hormuz में उत्पन्न हालात को सामान्य करने के उद्देश्य से 35 देशों की एक अहम बैठक बुलाई गई है। इस बहुपक्षीय वार्ता में शामिल होने के लिए United Kingdom ने भारत को औपचारिक आमंत्रण भेजा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने गुरुवार को प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि भारत की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री वर्चुअल माध्यम से बैठक में भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन को सुचारु कर वैश्विक तेल आपूर्ति को स्थिर करना है।
वैश्विक तेल बाजार पर असर की आशंका
गौरतलब है कि ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल गुजरता है। ऐसे में इसकी आवाजाही प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
युद्धग्रस्त क्षेत्रों में भारतीयों की स्थिति
प्रवक्ता ने बताया कि युद्ध प्रभावित देशों में लगभग एक करोड़ भारतीय रह रहे हैं और वर्तमान में सभी सुरक्षित हैं। भारतीय दूतावास निरंतर अपने नागरिकों के संपर्क में हैं और स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए हैं।
हालांकि, उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इस संघर्ष में अब तक 8 भारतीयों की मौत हो चुकी है तथा एक भारतीय लापता है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अतिरिक्त शुल्क की खबरों से इनकार
विदेश मंत्रालय ने उन रिपोर्टों को निराधार बताया, जिनमें दावा किया गया था कि होर्मुज मार्ग से गुजरने वाले भारतीय जहाजों पर किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क लगाया गया है। इस संबंध में ईरान के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है।
ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक व्यापार की दृष्टि से यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भारत की भागीदारी से इस संकट के समाधान की दिशा में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बल मिलने की उम्मीद है।










